इससे कृषि का मशीनीकरण हो जाता है और उत्पादन में बहुत वृद्धि होती है।
जुताई, बुवाई तथा गहाई के लिए मशीनों का प्रयोग होता है।
उर्वरकों तथा अच्छी किस्म के बीजों का प्रयोग किया जाता है। सच तो यह है कि हरित क्रान्ति से कृषि तथा कृषि-उत्पादन में क्रान्तिकारी परिवर्तन देखने को मिलते हैं।