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“इस प्रसंग को अब यहीं पर समाप्त कर दो नत्थू।” कौन-सा प्रसंग था और तुलसीदास ने उसे समाप्त करने के लिए क्यों कहा? |
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Answer» रत्नावली काशी में आई हैं। इस बात को लेकर लोगों में चर्चा है। नत्थू ने लोगों के विचारों को तुलसीदास को सुनाया। नत्थू ने कहा लोग पूछते हैं कि माताजी क्या अब यहीं रहेंगी। बड़ी हवेली के गोसाई महाराज गिरहस्त हैं। पर उनके बारे में कोई कुछ नहीं कहता। आपके लिए रोक-टोक करते हैं। लोग कहते हैं चार दिन की चाँदनी फिर अँधेरा पाख है। अब ये भी तपस्या छोड़कर भोग विलास में …। यह प्रसंग नत्थू ने सुनाया। तुलसीदास ने इस प्रसंग को समाप्त करने के लिए कहा। तुलसी को अपनी और रत्नावली की बात अच्छी नहीं लगी। रत्नावली के प्रति उनके मन में आदर था। लोगों की बात सुनकर तुलसीदास को बुरा लगा इसलिए उन्होंने इस प्रसंग को समाप्त करने के लिए कहा। उनके मन में एक अंधड़-सा उठने लगा। |
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