1.

जापान के रेलवे स्टेशन और रेल-यात्रा के बारे में लेखिका क्या कहती हैं?

Answer»

जापान में रेल-व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए लेखिका कहती हैं कि जापान में कदम-कदम पर रेलवे स्टेशन हैं। रेलें कई धरातलों पर चलती रहती हैं। प्लेटफार्म पर थोड़ी-थोड़ी दूरी पर लाल लकीरें खिंची हैं। हर डिब्बा ऐन उस लकीर के सामने ही पड़ता है। गाड़ी जैसे रुकती है, टिकट खाँचे में डालकर अंदर घुसो, उस पार जाकर अपना टिकट उठा लो। रेल के अंदर बैठने के स्थान कम और खड़े होने के ज्यादा हैं। वृद्धों, स्त्रियों, रोगियों के लिए courtesy seats अर्थात् सौजन्यस्थान आरक्षित हैं। रेल में चढ़ते समय धक्का-मुक्की नहीं होती। शालीनता जापान का गुण धर्म है। रेल में लोग खड़े-खड़े पढ़ते हैं। हर जगह स्वच्छता। यहाँ की सबसे तेज गति से चलनेवाली रेल है – ‘शिन्कान्सेन’ जिसे बुलेट ट्रेन भी कहते हैं।



Discussion

No Comment Found