| 1. |
जब संगीत की स्वर लहरी गूँजती है तो पशु-पक्षी तक मुग्ध हो जाते हैं, शायर साहब! आप क्या समझते हैं संगीत को? इस संवाद को पढ़ो और बाताओ कि-(क) कहानी में इसके बदले किसने, क्यों और क्या बोला? तुम उसको लिखकर बताओ। |
|
Answer» ें 'जब संगीत की स्वर लहरी गूँजती है तो पशु-पक्षी तक मुग्ध हो जाते हैं, शायर साहब! आप क्या समझते हैं संगीत को?' इसके बदले किसने, क्यों और क्या बोला निम्न प्रकार से है : इसके बदले संगीतकार ने अपनी बात भूल जाने और राकेश की बात को ठीक ढंग से न सुनने पर कहा कि “जब संगीत की स्वर लहरी गूँजती है तो पशु-पक्षी तक मुँह की खा जाते हैं, गाजर साहब! आप क्या समझते हैं हमें गाजर साहब?” **यह संव 'जब संगीत की स्वर लहरी गूँजती है तो पशु-पक्षी तक मुग्ध हो जाते हैं, शायर साहब! आप क्या समझते हैं संगीत को?' कक्षा 8 के पाठ्य पाठ्य पुस्तक दूर्वा के नाटक में नाटक पाठ से लिया गया है। इस पाठ के लेखक मंगल सक्सेना है। आशा है कि यह उत्तर आपकी मदद करेगा।।।। इस पाठ से संबंधित कुछ और प्रश्न: (क) बच्चों ने मंच की व्यवस्था किस प्रकार की? brainly.in/question/11373630 (ख) पर्दे की आड़ में खड़े अन्य साथी मन-ही-मन राकेश की तुरतबुद्धि की प्रशंसा क्यों कर रहे थे? brainly.in/question/11373635 |
|