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जनसंख्या-विस्फोट के परिणामों पर एक संक्षिप्त लेख लिखिए। याभारत की सबसे कठिन समस्या उसकी तेजी से बढ़ती हुई जनसंख्या है।” विवेचना कीजिए।यासन् 1951 से भारत में मुख्य जनांकीय प्रवृत्तियों की विवेचना कीजिए। याजनसंख्या विस्फोट क्या है? जनसंख्या विस्फोट के परिणाम लिखिए। |
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Answer» तीव्र गति से जनसंख्या का बढ़ना, जनसंख्या विस्फोट कहलाता है। विश्व में चीन के बाद भारत ही सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश है। भारत की वर्तमान जनसंख्या विश्व की कुल जनसंख्या का लगभग छठवाँ हिस्सा है, जबकि भारत के पास विश्व के कुल भू-भाग का केवल 2.4 प्रतिशत भाग है। भारत की जनगणना आँकड़ों के अनुसार, सन् 1901 में भारत की जनसंख्या 23.84 करोड़ थी जो 1941 में बढ़कर 31.87 करोड़, 1951 में 36.11 करोड़, 1961 में 43.92 करोड़, 1971 में 54.82 करोड़, 1981 में 68.33 करोड़, 1991 में 84.64 करोड़, 2001 में 102.7 करोड़ तथा वर्तमान में भारत की कुल जनसंख्या 121 करोड़ के ऊपर हो चुकी है। भारत में जनसंख्या वृद्धि के विगत दशकों के आँकड़े लें तो हमें ज्ञात होगा कि जनसंख्या वृद्धि दर 1921 ई० तक तो बहुत कम थी, परन्तु उसके उपरान्त वृद्धि-दर तेजी से बढ़ी है। वर्ष 1961-71 के मध्य वृद्धि दर 2.22 प्रतिशत प्रति वर्ष थी जो 1971-81 में 2.20 प्रतिशत प्रति वर्ष रही । भारत में इस समय जनसंख्या की वार्षिक वृद्धि-दर लगभग 1.64 प्रतिशत प्रति वर्ष है। भारत की जनसंख्या 1.80 करोड़ वार्षिक वृद्धि की दर से बढ़ रही है अर्थात् हम भारत में प्रति वर्ष एक ऑस्ट्रेलिया एवं प्रति दस वर्षों में एक उत्तर प्रदेश को जन्म देते जा रहे हैं। भारत में जनसंख्या-वृद्धि से उत्पन्न होने वाली प्रमुख समस्याएँ (परिणाम) निम्नलिखित हैं| ⦁ खाद्य सामग्री की आपूर्ति की समस्या! |
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