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जनसंख्या विस्फोट पर निबंध लिखिए : |
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Answer» भारत को स्वतंत्र हुए पैंसट साल से ज्यादा हुए हैं। इन वर्षों में देश ने अनेक क्षेत्रों में प्रगति की है। कृषि, विज्ञान, उद्योग – धंधे आदि में हमारा देश बहुत तेजी से प्रगति कर रहा है, किंतु फिर भी उसका लाभ दिखाई नहीं पड़ रहा है। आम आदमी आज भी गरीब है। देश में आज भी लोग भूख से मर रहे हैं। बहुतों के पास तन ढकने के लिए पर्याप्त वस्त्र नहीं हैं। वे झुग्गी – झोंपड़ियों में रहते हैं। सहज ही प्रश्न उठता है कि इसका कारण क्या है? और इस प्रश्न का सीधा – सरल उत्तर है – भारत की बढ़ती हुई जनसंख्या। आज हमारी हर बड़ी समस्या के मूल में जनसंख्या की समस्या है। यातायात और परिवहन के साधनों में अपार वृद्धि हुई है। रेलों – बसों की संख्या अधिक है फिर भी भीड़ – भाड़ दिखाई पड़ती है। आप शांति और सुविधा से यात्रा नहीं कर सकते। अस्पतालों में, प्लेटफ़ार्मो पर, विद्यालयों में, बाजारों में, कार्यालयों में, किसी भी सार्वजनिक स्थान पर दृष्टि डालिए आपको लोगों के सिर ही सिर दिखाई पड़ेंगे। इस भीड़ – भाड़ का परिणाम यह है कि हमारी सारी आधारभूत सुविधाएँ, हमारे सारे संसाधन कम पड़ते जा रहे हैं। अस्पताल जितने खोले जाते हैं, मरीजों की संख्या उससे कई गुना बढ़ जाती है। हर वर्ष हजारों नए विद्यालय खुलते हैं, पर अनेक छात्रों को मनचाहे विद्यालय में प्रवेश नहीं मिलता। कक्षाओं में छात्रों की संख्या इतनी हो जाती है कि बैठने के लिए पर्याप्त स्थान नहीं होता। यह दशा तब है जब आज भी लाखों बच्चे विद्यालय में प्रवेश नहीं लेते हैं। बेरोजगारी की समस्या जनसंख्या वृद्धि की समस्या की ही उपज है। अनेक प्रकार के उद्योग – धंधे खुले हैं। कृषि क्षेत्र में आशा से बढ़कर प्रगति हुई है। नए रोजगार के लाखों अवसर बने, फिर भी बेरोजगारों की संख्या में कमी नहीं हुई, बल्कि बेरोजगारी की समस्या और अधिक भयंकर होती जा रही है। बेरोजगारी से अनेक सामाजिक बुराइयाँ जन्म लेती हैं। अपराध बढ़ते हैं, असामाजिक तत्व पनपते हैं। सुख – चैन और शांति भरा जीवन सपना हो जाता है। हमारा देश जनसंख्या की दृष्टि से संसार का दूसरा सबसे बड़ा देश है। सारे विश्व की जनसंख्या का लगभग छठा भाग भारत में बसा है जबकि भारत का क्षेत्रफल विश्व के क्षेत्रफल का लगभग 2.4 प्रतिशत ही है। आज हमारी जनसंख्या एक अरब बीस लाख से अधिक हो चुकी है। यदि इस पर शीघ्र ही अंकुश नहीं लगाया गया तो भीषण संकटों का सामना करना पड़ेगा। जनसंख्या की वृद्धि रोकने के लिए कुछ ठोस उपाय करने होंगे। सबको इस समस्या के प्रति सजग करना होगा। देशवासियों को बताना होगा कि जनसंख्या वृद्धि को रोकना क्यों आवश्यक है। जनसंख्या रोकना हमारा परम कर्तव्य है और इस कर्तव्य का पालन सच्ची देशभक्ति है। |
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