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जवानी के झंझटों से घबराकर सुभद्रा जी बचपन से क्या अनुरोध कर रही है? ‘मेरा नया बचपन’ कविता के आधार पर बताइए। |
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Answer» जवानी की अलबेली दुनिया का सच जब सुभद्रा जी के सामने आया तो वह व्याकुल हो उठीं। उन्होंने अपने परमप्रिय मित्र ‘बचपन’ से गुहार को-‘ओ मेरे प्यारे बचपन ! तू एक बार फिर से मेरे जीवन में आजा । अपनी निर्मल शान्ति और स्वाभाविक विश्रान्ति से जवानी की इस थका देने वाली यात्रा से मुक्ति दिला दे। बता, क्या तू फिर से अपनी प्यारी, भोली-भाली सारलता और निर्दोष स्वरूप में आकर, मेरे मन की व्यथा को दूर नहीं कर सकता। |
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