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काली तू, रजनी भी काली,शासन की करनी भी काली,काली लहर कल्पना काली,मेरी काल कोठरी काली,टोपी काली, कमली काली,मेरी लौह-शृंखला काली,पहरे की हुंकृति की व्याली,तिस पर है गाली, ऐ आली !इस काले संकट-सागर परमरने की, मदमाती !कोकिल बोलो तो !अपने चमकीले गीतों कोक्योंकर हो तैराती !कोकिल बोलो तो !भावार्थ : कवि ने यहाँ जेल की हर चीज को काला रंगवाला बताया है। काला रंग दुख और अशुभ का प्रतीक है। वह कोयल को संबोधित करते हुए कहता है कि हे कोयल ! तेरा रंग काला है और रात भी काली है। ब्रिटिश सरकार का कामकाज भी काला अर्थात् अन्यायपूर्ण है। देश में अंग्रेजों के प्रति जो लहर उठ रही है, वह भी काली है।जिस कोठरी में उसे रखा गया है, उसने जो टोपी पहनी है, वह जिस कंबल पर सोता है, सब काला है। उसकी बेड़ियाँ भी काली हैं। बीच-बीच में सुनाई देने वाली पहरेदारों की तेज आवाज साँपिन की तरह लगती है। इतने दुःखमय वातावरण रहनेवाले कैदियों ऊपर से गाली भी मिलती है। हे कोयल ! इस संकट के काले सागर में तुम मरने के लिए क्यों आई हो ? तुम इतनी उतावली क्यों हो रही हो, कुछ तो बोलो। तुम इन विपरीत परिस्थितियों में अपने चमकीले गीतों को कैसे गा लेती हो, कुछ तो बोलो।1. काव्यांश में ‘काली’ शब्द की पुनरावृत्ति से कैसा वातावरण उपस्थित हुआ ?2. पहरेदार स्वतंत्रता सेनानियों के साथ कैसा व्यवहार करते है ?3. किन-किन वस्तुओं को काली बताया गया है ?4. कोयल के गीत को कवि ने ‘चमकीले गीत’ क्यों कहा है ?।5. ‘मेरी काल कोठरी काली’ और ‘इस काले संकट-सागर पर’ में कौन-सा अलंकार है ? |
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Answer» 1. काव्यांश में ‘काली’ शब्द की पुनरावृत्ति से भय और डर का वातावरण उपस्थित हुआ है। 2. पहरेदार स्वतंत्रता सेनानियों के साथ बड़ा ही अमानवीय व्यवहार करते हैं। ये स्वतंत्रता सेनानियों पर अत्याचार तो कर ही रहे हैं, और बात-बात पर गालियाँ भी दे रहे हैं। 3. कोयल, रात्रि, शासन की करनी, कवि की हथकड़ी, काल कोठरी, टोपी, कंबल, निराशा की लहर और मन में उठनेवाली कल्पनाओं को काली बताया गया है। 4. कोयल के गीत को कवि ने ‘चमकीले गीत’ इसलिए कहा है कि ये गीत जेल में बंद स्वतंत्रता सेनानियों को उत्साहित कर रहे हैं। अन्य भारतीयों में भी देश-प्रेम और देशभक्ति की भावना को बल दे रहा है।। 5. i. ‘मेरी काल कोठरी काली’ में ‘क’ वर्ण की आवृत्ति होने से अनुप्रास अलंकार है। ii. ‘इस काले संकट-सागर पर’ में संकट और सागर के बीच एकरूपता बताई गई है, इसलिए यहाँ रूपक अलंकार है। |
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