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कानून बनाने की प्रक्रिया में संसद कार्यपालिका पर किस प्रकार निर्भर है? इस बात का प्रभाव कानून पर सकारात्मक होगा या नकारात्मक? (शब्द सीमा 150-200) |
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Answer» सरकार का वह अंग जो विधायिका द्वारा स्वीकृत नीतियों और कानूनों को लागू करता है और प्रशासन का काम करता है कार्यपालिका कहलाता है।संसद पूरे देश या देश के किसी भाग के लिए कानून बनाती है लेकिन वास्तव में कानून बनाने में अहम भूमिका मंत्री परिषद और नौकरशाहों (कार्यपालिका) की होती है। कानून बनाने वाली सर्वोच्च संस्था होने के बावजूद संसद का कानूनों को स्वीकृति देने का काम करती है। कोई भी महत्वपूर्ण विधेयक (प्रस्तावित कानून) बिना मंत्रिमंडल की स्वीकृति के संसद में पेश नहीं किया जाता। संसद के दोनों सदनों में विधेयक स्वीकृति मिलने के पश्चात अंत में राष्ट्रपति के हस्ताक्षर होने के बाद कार्यपालिका कानून लागू करता है।अगर मंत्री परिषद के पास संसद की बहुमत है तो वह कानून पारित हो जाती है, इस प्रकार संसद कार्यपालिका पर निर्भर होती है।Explanation:इसका प्रभाव पूर्ण रूप से सकारात्मक होता है क्योंकि संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में किसी कानून पर गहन वाद-विवाद के पश्चात उसे कार्यपालिका लागू करती है।और लोकसभा के सदस्य जनता द्वारा ही चुने जाते हैं। अतः कानून बनाने में कहीं ना कहीं पूरे देश की भागीदारी होती है,इसमें सभी लोगों की मंजूरी होती है। |
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