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Kavitha on charminar in hindi |
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Answer» र जो खड़ा है निजाम का शहरहैदराबाद--बदल गया है समय के साथ और--चारमीनार जो खड़ा है सदियो से मूक एक गवाह बनकरइस बदलाव को देख रहा है इस बदलते शहर के तहज़ीब को बङी बारीकी सेपुरानी सड़के अब चमकने लगी है किंतु--अब भी दौड़ रहे है नन्हे नंगे पैर उन सड़को पर दौड़ती हुईगाङियो के पीछे उन नंगे पैरो पर दौड़ते बचपन को सरकार कल का नागरिक कहती है इधर लोग रोज देख रहे है चारमीनार को और सोच रहे है उस एक मूक - बहरा मीनार मात्रकिंतु--इसी चारमीनार नेदेखी और सुनी हैहर बार तमाम भयंकर चीखें । |
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