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Answer» भारत की एक राष्ट्र के रूप में विशेषताएँ भारत की एक राष्ट्र के रूप में प्रमुख विशेषताएँ निम्नलिखित हैं- 1. मातृभूमि के प्रति श्रद्धा एवं प्रेम-मातृभूमि से प्रेम प्रत्येक राष्ट्र का स्वाभाविक लक्षण एवं विशेषता माना जाता है। एक ही स्थान या प्रदेश में जन्म लेने वाले व्यक्ति मातृभूमि से प्यार करते हैं और इस प्यार के कारण वे आपस में एक भावना के अन्दर बँध जाते हैं। भारत से लाखों की संख्या में लोग विदेश में जाकर बस गए हैं लेकिन मातृभूमि से प्रेम के कारण वे सदा अपने आपको भारतीय राष्ट्रीयता का अंग मानते हैं। 2. भौगोलिक एकता-भौगोलिक एकता भी राष्ट्रवाद की भावना को विकसित करती है। जब मनुष्य कुछ समय के लिए एक निश्चित प्रदेश में रह जाता है तो उसे उस प्रदेश से प्रेम हो जाता है और यदि उसका जन्म भी उसी प्रदेश में हुआ हो तो प्यार की भावना और तीव्र हो जाती है। 3. सांस्कृतिक एकरूपता-भारतीय संस्कृति इस देश को एक राष्ट्र बनाती है। यह विभिन्नता में एकता लिए हुए है। इस संस्कृति की अपनी पहचान है। लोगों के अपने संस्कार हैं, छोटे-बड़ों का आदर करते हैं। वैवाहिक बन्धन, जाति प्रथाएँ, साम्प्रदायिक सद्भाव, सहनशीलता, त्याग, पारस्परिक प्रेम, ग्रामीण जीवन का आकर्षक वातावरण इस राष्ट्र की एकता को बनाने में अधिक सहायक रहा है। 4. सामान्य इतिहास-भारत का एक अपना राजनीतिक-आर्थिक इतिहास है। इस इतिहास का अध्ययन सभी करते हैं और इसकी गलतियों से छुटकारा पाने का प्रयास समय-समय पर सत्ताधारियों, सुधारकों, धर्म प्रवर्तकों, भक्त और सूफी सन्तों ने किया है। 5. सामान्य हित-भारत राष्ट्र के लिए सामान्य हित महत्त्वपूर्ण तत्त्व है। यदि लोगों के सामाजिक, आर्थिक, राजनीतिक तथा धार्मिक हित समान हों तो उनमें एकता की उत्पत्ति होना स्वाभाविक है। 18वीं शताब्दी में अपने आर्थिक हितों की रक्षा के लिए अमेरिका के विभिन्न राज्य आपस में संगठित हो गए और उन्होंने स्वतन्त्रता की घोषणा कर दी। 6. संचार के साधनों की विभिन्न भूमिका-भारत एक राष्ट्र है। इसकी भावना को सुदृढ़ करने के लिए जनसंचार माध्यम, इलेक्ट्रॉनिक और प्रिण्ट मीडिया आदि भी भारत को एक राष्ट्र बनाने में योगदान दे रहे हैं। 7. जन इच्छा-भारत का एक राष्ट्र के रूप में एक अन्य महत्त्वपूर्ण तत्त्व लोगों में राष्ट्रवादी बनने की इच्छा भी है। मैजिनी ने लोक इच्छा को राष्ट्र का आधार बताया है।
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