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खिलौना कविता का question and answer​

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HindiChapter 3 – खिलौनेवालPage No 22:Question 1:तुम्हें किसी-न-किसी बात पर रूठने के मौके तो मिलते ही होंगे –(क) अक्सर तुम किस तरह की बातों पर रूठती हो?(ख) माँ के अलावा घर में और कौन-कौन हैं जो तुम्हें मनाते हैं?Answer:(क) जब मुझे अपनी मनपसंद वस्तुएँ नहीं मिलती हैं, तब मैं रूठ जाती हूँ।(ख) माँ के अलावा घर के सभी सदस्य जैसे दादा-दादी, बड़े भाई-बहन आदि मुझे मनाते हैं।Question 2:हम ऐसे कई त्योहार मनाते हैं जो बुराई पर अच्छाई की जीत पर बल देते हैं। ऐसे त्योहारों के बारे में और उनसे जुड़ी कहानियों के बारे में पता करके कक्षा में सुनाओ।Answer:दशहरा और होली ऐसे त्योहार हैं, जिनमें बुराई पर अच्छाई की जीत पर बल दिया जाता है। दशहरा में राम की जीत व होली में होलिका दहन की कहानी है।दशहरा- इस दिन श्रीराम ने लंका के राजा रावण को मारकर अपनी पत्नी सीता को मुक्त करवाया था। रावण राक्षसों का राजा था। उसने समस्त भूमंडल पर अधिकार कर लिया था। स्वर्ग के देवता भी उसके कारागार में बंदी थे। देवता से लेकर मानव तक उसके अत्याचारों से परेशान थे। एक दिन राम की अनुपस्थिति में उसने बलपूर्वक सीता का हरण कर लिया। अत: राम ने सुग्रीव के साथ मिलकर लंका पर चढ़ाई की। युद्ध में रावण राम के हाथों मारा गया। राम ने पूरे भूमंडल को उसके अत्याचारों से मुक्त करवाया। दशहरा राम की रावण पर विजय और अधर्म पर धर्म की जीत की कहानी कहता है।होली- होली के साथ अनेक दंत-कथाएँ जुड़ी हुई हैं। होली से एक दिन पहले पूर्णिमा की रात्रि को होली जलाई जाती है। कहा जाता है कि ‘भक्त प्रह्लाद’ के पिता राक्षस राज ‘हिरण्यकश्यप’ स्वयं को भगवान मानता था। वह विष्णु का परम विरोधी था। इसके विपरीत उनका पुत्र प्रह्लाद विष्णु भक्त था। उसने प्रह्लाद को विष्णु भक्ति करने से बहुत रोका परन्तु वे नहीं माने। अहंकारी हिरण्यकश्यप ने प्रह्लाद को मारने के अनेक प्रयास किए परन्तु वे हर बार बच गए। हिरण्यकश्यप ने तंग आकर अपनी बहन होलिका से सहायता मांगी। होलिका अपने भाई की सहायता के लिए तैयार हो गई। होलिका को वरदान प्राप्त था कि उसे आग नहीं जला सकती है। होलिका प्रह्लाद को मारने की इच्छा लेकर चिता में जा बैठी। भगवान विष्णु की कृपा से प्रह्लाद सुरक्षित बच गए परन्तु होलिका जलकर भस्म हो गई। उसी दिन से होलिका दहन किया जाता है। होली भी अच्छाई पर बुराई की जीत के रूप में मनाई जाती है।Question 3:तुमने रामलीला के ज़रिए या फिर किसी कहानी के ज़रिए रामचंद्र के बारे में जाना-समझा होगा। तुम्हें उनकी कौन-सी बातें अच्छी लगीं?Answer:हमें रामचंद्र की ये बातें अच्छी लगती हैं।- 1. रामचंद्र आज्ञाकारी पुत्र थे। 2. वे धर्म के मार्ग पर चलने वाले थे। 3. बड़ों का आदर करते थे। 4. सत्य के मार्ग पर चलते थे। 5. वचन के पक्के थे। 6. सच्चे मित्र थे। 7. वीर और साहसी थे।Question 4:नीचे दिए गए भाव कविता की जिन पंक्तियों में आए हैं, उन्हें छाँटो –(क) खिलौनेवाला साड़ी नहीं बेचता है।(ख) खिलौनेवाला बच्चों को खिलौने लेने के लिए आवाज़ें लगा रहा है।(ग) मुझे कौन-सा खिलौना लेना चाहिए – उसमें माँ की सलाह चाहिए।(घ) माँ के बिना कौन मनाएगा और कौन गोद में बिठाएगा।Answer:(क) कभी खिलौनेवाला भी माँक्या साड़ी ले आता है।(ख) नए खिलौने ले लो भैयाज़ोर-ज़ोर वह रहा पुकार।(ग) कौन खिलौना लेता हूँ मैंतुम भी मन में करो विचार।(घ) तो कौन मना लेगाकौन प्यार से बिठा गोद मेंमनचाही चीज़ें देगा।Question 5:‘मूँगफली ले लो मूँगफली!गरम करारी टाइम पास मूँगफली!’तुमने फेरीवालों को ऐसी आवाज़ें लगाते ज़रूर सुना होगा। तुम्हारे गली-मोहल्ले में ऐसे कौन-से फेरीवाले आते हैं और वे किस ढंग से आवाज़ लगते हैं? उनका अभिनय करके दिखाओ। वे क्या बोलते हैं, उसका भी एक संग्रह तैयार करो।Answer:हम आपको फेरीवालों द्वारा बोले जाने वाली तीन पंक्तियां दे रहे हैं। आप अपने यहाँ आने वाले फेरीवालों की आवाज़ों को सुनो और उनको लिखो। इस तरह अपना संग्रह बनाओ।१. बढ़िया करारी गोला-गिरी!मीठी-मज़ेदार गोला-गिरी!२. दस रुपये के चार, दस रुपये के चार!मन को भा जाएँ, ऐसे संतरे चार!३. मीठा रसीला गन्ना ले लो!फिर न मिलेगा गन्ना ले लो!Explanation:HOPE it will help you....



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