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‘खोंगनंग में भी जान है।’ सानातोम्बि ने ऐसा क्यों कहा?

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खोगनंग एक विशाल पेड़ था, जिस पर बहुत से पक्षियों का बसेरा था। सानातोम्बि के भाइयों ने अपनी शक्ति का प्रदर्शन करने में उस विशाल पेड़ को जमीन से उखाड़ दिया। सानातोम्बि को पेड़ की दुर्दशा देखकर बहुत दुख हुआ जिसके कारण उसने ऐसा कहा कि खोंगनंग में भी जान है।



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