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कई दिनों तक चुल्हा रोया, चक्की रही उदास कई दिनों तक कानी कुतिया सोई उनके पास कई दिनों तक लगी भीत पर छिपकलिया की गश्त कई दिनों तक चूहों की भी हालत रही शिकस्त।इन पंक्तियों के द्वारा कवि क्या कहना चाहते हैं? |
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Answer» अकाल का समय केवल मानव पर ही नहीं, हीं पूरे समाज पर पड़ता है। इसकी हानी कुछ समय केलिए भी समाज पर बनी रहती है। |
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