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किसी ऐतिहासिक स्थान की यात्रा पर निबंध लिखिए : |
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Answer» मुझे पिछली गर्मियों की छुट्टियों में दिल्ली की यात्रा करने का सौभाग्य मिला। मेरे लिए यह पहली यात्रा थी। इसलिए इस यात्रा का क्षण – क्षण मेरे लिए रोमांचक था। हम स्कूल के बीस बच्चे अपने दो अध्यापकों के साथ घूमने जा रहे थे। रात सात बजे हमारी बस बेंगलूर से चली। सभी सो गए। नींद खुली तो मैनें स्वयं को दिल्ली में पाया। एक होटल के दालान में एक घंटा बस रुकी। हाथ – मुँह धोकर, चाय – नाश्ता करके सब अपनी – अपनी सीटों पर आ विराजे। बस चलने लगी। ऐतिहासिक दिल्ली को देखने – समझने के लिए कम से कम एक सप्ताह का समय चाहिए। इसके ऐतिहासिक स्मारकों में पुराना किला, लाल किला, जामा मस्जिद, सुनहरी मस्जिद, हुमायु का मकबरा, सिकन्दर लोदी का मकबरा, निजामुद्दीन औलिया की दरगाह, सफदरजंग का मदरसा, सूरजकुण्ड, कुतुबमीनार, अशोक स्तम्भ, फीरोजशाह का कोटला और योग माया मंदिर आदि दर्शनीय हैं। इनमें लालकिला, जामा मस्जिद, पुराना किला, कुतुबमीनार और अशोक स्तम्भ की विशेष बनावट और उस युग की वास्तुकला पर्यटकों को अपनी ओर आकृष्ट कर लेती है। दिल्ली अपने ऐतिहासिक स्थलों के साथ – साथ सांस्कृतिक एवं धार्मिक स्थलों के लिए भी प्रसिद्ध है। यह सभी धर्मों के स्मारकों को समेटे हुए है। बिरला मंदिर, शक्ति मंदिर, भैरों मंदिर, कालका जी का मंदिर, लोटस टेम्पल, फतहपुरी की मस्जिद, ईदगाह, स्वामी मलाई मंदिर, बौद्ध विहार, दीवान हाल और जैन लाल मंदिर आदि ऐसे धार्मिक स्थल हैं जो देश की धार्मिक व सांस्कृतिक कला के प्रतीक हैं। यहाँ पर आधुनिक इतिहास के भी अनेक दर्शनीय स्थल हैं जिनमें तीन मूर्ति भवन, राष्ट्रपति भवन, संसद् भवन, इंदिरा स्मारक, बिरलाभवन, राजघाट, शांतिवन, विजय घाट, शक्ति स्थल, किसान घाट, समता स्थल, इंडिया गेट, केन्द्रीय सचिवालय, इंदिरा गांधी स्टेडियम, जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, कालिन्दी कुंज, चिड़ियाघर और राष्ट्रीय संग्रहालय आदि के नाम उल्लेखनीय हैं। दिल्ली के ऐतिहासिक व दर्शनीय स्थलों को देखकर मनोरंजन के साथ – साथ ज्ञानवर्द भी होता है। मनोरंजन के अन्य स्थलों में राष्ट्रपति उद्यान, बाल भवन, बुद्ध जयंती पार्क, ओखला, डॉल म्यूजियम उल्लेखनीय हैं। वास्तव में बागों की महारानी दिल्ली ऐतिहासिक नगरी ही नहीं, अपितु आधुनिकता की परिचायक भी है। उसके दर्शन करके हम वापसी को चले। |
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