1.

किसी भी क्रिया को संपन्न अथवा पूरा करने में जो भी संज्ञा आदि शब्द संलग्न होते हैं, वे अपनी अलग-अलग भूमिकाओं के अनुसार अलग-अलग कारकों में वाक्य में दिखाई पड़ते हैं; जैसे-“ वह हाथों से शिकार को जकड़ लेती थी।”

Answer»

क) यदि संसार में बदलू को किसी बात से चिढ़ थी तो वह थी काँच की चूडि़यों से। संसार में - अधिकरण कारक बदलू को - कर्मकारक किसी बात से- अपादान कारक काँच की चूडि़यों- संबंध कारक ख) पत्र-संस्कृति विकसित करने के लिए स्कूली पाठ्यक्रमों में पत्र-लेखन का विषय भी शामिल किया गया। विकसित करने के लिए- संप्रदान कारक पाठ्यक्रमों में- अधिकरण कारक पत्र-लेखन का- संबंध कारक (ग) कुछ नौजवानों ने ड्राइवर को पकड़कर मारने-पीटने का मन बनाया। नौजवानों ने- कर्ता कारक ड्राइवर को- कर्म कारक घ) मैं आगे बढ़ा ही था कि बेरे की झाड़ी पर से मोती-सी बूँद मेरे हाथ पर आ गिरी। मैं - कर्ता कारक बेर की - संबंध कारक झाड़ी पर से - अपादान कारक मेरे हाथ पर - अधिकरण कारक



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