1.

कण – कण का अधिकारी कौन है?

Answer»
  • नर – समाज का भाग्य श्रम है। अर्थात् भुज बल है।
  • जो श्रम करता है वहीं कण – कण का अधिकारी है।
  • श्रम के हासिल पर जो जीता है वहीं कण – कण का अधिकारी है।


Discussion

No Comment Found