1.

“कुत्ते की सीख’ को कहानी के रूप में लिखें ।

Answer»

एक जंगल में एक घनी झुरमुट में एक खरगोश छिपकर रहता था। वह चुनकर नर्म-नर्म घास खाता था और किसी को देखता था, तो झाड़ी में छिप जाता था। एक बार जंगल में एक शिकारी कुत्ता आया। वह शिकार की खोज में झाड़ी-झाड़ी मूंघने लगा। वह सूघते-सूंघते उस झुरमुट के पास पहुंचा, जिसमें खरगोश रहता था। आहट पाते ही खरगोश भाग खड़ा हुआ। कुत्ता लगातार चार मिनट तक खुले खेत में उसका पीछा करता रहा, पर वह उसे पकड़ नहीं सका। तब तक सामने एक कटीली झाड़ी आई और खरगोश छलांग लगाकर उसमें छिप गया। ।

कुत्ता इधर-उधर सूंघकर निराश होकर वापस जाने लगा। एक लोमड़ी खड़ी-खड़ी यह सारी घटना देख रही थी। उसने कुत्ते से कहा, “मामा, तुम हार गए। तुम इतने मोटे ताजे हो, पर बन के छोटे-छोटे जीव-जंतुओं को भी नहीं पकड़ पाते।” कुत्ते ने लोमड़ी से कहा, “अरे पगली, तुम इस रहस्य को नहीं समझ सकती। मेरे और खरहे के दौड़ने में अंतर है। मैं उसके पीछे अपने भोजन के लिए दौड़ रहा था, जबकि खरहा अपनी जान बचाने के लिए भाग रहा था। कहा गया है कि कोई भी उद्यम करो तो जान बचाकर करो, पर संकट आने पर अपनी पूरी ताकत लगाकर अपनी जान बचाने की कोशिश करो।”



Discussion

No Comment Found