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लेखक की दृष्टि से मनुष्य को एक स्थान से दूसरे स्थान पर कैसे भेजा जा सकता है ? |
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Answer» विज्ञान के सिद्धांत के अनुसार किसी भी वस्तु को उसके मूलतत्त्वों में तोड़ा और उन मूलतत्त्वों को आपस में जोड़कर उसके मूल स्वरूप में प्राप्त किया जा सकता है। लेखक की दृष्टि से मानवशरीर भी विभिन्न प्रकार के तत्त्वों से मिलकर बना है। इसलिए मानवशरीर को उसके मूलतत्त्वों में विभक्त कर उसे विशेष प्रकार की तरंगों में परिवर्तित करके एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा जा सकता है और उसे मूल स्वरूप में प्राप्त भी किया जा सकता है। |
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