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लेखक की जगह तुम होते, तो गोदावरी नदी का वर्णन कैसे करते ? बताइए।

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  • लेखक की जगह मैं होते, तो गोदावरी नदी का वर्णन इस तरह करता हूँ।
  • गोदावरी महासागर जैसा है। गोदावरी विशाल सुदंर भव्य नदी है।
  • इसे देखने से मुझे कई नदियों का यह संगम जैसा लगता है।
  • इस नदी में जो नाव विहार करते हैं वे आसमान में उड़नेवाली पतंगें जैसे हैं।
  • गोदावरी नदी अन्नपूर्णा है। क्योंकि इसके द्वारा कई लाखों एकड़ की भूमि सिंचाई जाती है।
  • यह सुंदर, रमणीय नदी है। यह अद्भुत टापुओं वाला नदी है।
  • इस नदी के किनारे कई महापुरुषों का जन्म हुआ है।
  • गोदावरी पतित पावनी है। : गोदावरी का जल शुद्ध और पवित्र है।
  • इस जल में अमोघ शक्ति है।


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