Saved Bookmarks
| 1. |
लेखक क्या देखकर हताश हो जाना उचित नहीं मानते? |
|
Answer» लेखक कहते हैं कि आजकल ईमानदारी और परिश्रम के बदले झूठ और फरेब का बाजार गर्म है। ऊपरी दिखाई देनेवाली इस मनुष्यनिर्मित स्थिति से लेखक हताश हो जाना उचित नहीं मानते। |
|