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लोकसभा अध्यक्ष की स्थिति को स्पष्ट कीजिए। |
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Answer» लोकसभा के अध्यक्ष का चुनाव लोकसभा द्वारा अपने सदस्यों में से किया जाता है। इसे १ 4,00,000 प्रतिमाह वेतन दिया जाता है। लोकसभा अध्यक्ष के प्रमुख कार्य इस प्रकार हैं- ⦁ वह लोकसभा की बैठकों की अध्यक्षता करता है तथा सदन में शांति और व्यवस्था बनाए रखने का कार्य करता है। ⦁ यदि कोई सदस्य सदन की कार्यवाही में बाधा उत्पन्न करता है अथवा सदन में अनुचित शब्दों का प्रयोग करता है तो स्पीकर उसके विरुद्ध कार्यवाही कर सकता है। वह उसे सदन से बाहर जाने के लिए कह सकता है। ⦁ वह सदस्यों के लिए निवास तथा अन्य सुविधाओं की व्यवस्था करता है। ⦁ लोकसभा जब किसी बिल को पास कर देती है, तो वह स्पीकर के हस्ताक्षरों के बाद ही राज्यसभा अथवा राष्ट्रपति के पास भेजा जाता है। ⦁ सदन की बैठक में गड़बड़ होने की स्थिति में वह सदन की बैठक स्थगित कर सकता है। ⦁ सदन की विभिन्न समितियों की नियुक्तियों में स्पीकर का महत्त्वपूर्ण हाथ होता है। ⦁ यदि किसी बिल के बारे में यह मतभेद उत्पन्न हो जाए कि वह बिल वित्त-बिल है अथवा नहीं, तो उस संबंध में स्पीकर द्वारा किया गया निर्णय ही अंतिम माना जाएगा। ⦁ वह सदन में सदस्यों को बोलने की आज्ञा देता है। ⦁ सदन में जब किसी बिल पर वाद-विवाद समाप्त हो जाता है, तो वह उस पर मतदान करवाता है, मतों की गिनती करवाता है तथा परिणाम घोषित करता है। ⦁ साधारणतः स्पीकर सदन में मतदान में भाग नहीं लेता, परंतु किसी बिल पर समान मत पड़ने की स्थिति में वह निर्णायक मत दे सकता है। ⦁ स्पीकर सदन के नेता की सलाह से सदन का कार्यक्रम निर्धारित करता है। ⦁ वह लोकसभा के सदस्यों के अधिकारों की रक्षा करता है। ⦁ वह राष्ट्रपति तथा सदन के बीच कड़ी का काम करता है। ⦁ दोनों सदनों की संयुक्त बैठक की अध्यक्षता भी स्पीकर करता है। ⦁ स्पीकर ही इस बात का निर्णय करता है कि सदन की गणपूर्ति के लिए आवश्यक सदस्य उपस्थित हैं अथवा नहीं। |
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