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लोकतांत्रिक तरीके से फैसले लेनेप्रक्रिम प्रक्रिया को स्पष्ट फिजिए। |
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Answer» लोकतांत्रिक तरीके से फैसले लेने से तात्पर्य ऐसे फैसले लेने से है, जिसमें सर्वसम्मति हो। जो विधि सम्मत हो, संविधान के अनुसार हों और अधिक से अधिक लोगों के हितों की रक्षा करता हो, वही फैसले लोकतांत्रिक तरीके से फैसले कहे जाते हैं। किसी भी लोकतंत्र में लोकतांत्रिक तरीके से ही निर्णय किए जाते हैं और लोकतांत्रिक तरीके से लिए गए फैसलों पर ही लोकतंत्र की बुनियाद टिकी होती है। जहाँ पर फैसले लेने में अपनी मनमानी होने लगे या किसी सर्वसम्मति का अभाव हो तो वह फैसला लोकतांत्रिक तरीके से लिया गया फैसला नहीं रह जाता और वहां पर लोकतंत्र की नींव भी कमजोर होती है। लोकतांत्रिक तरीके से फैसले लेने से तात्पर्य उस फैसले से है, जो किसी लोकतंत्र में संविधान के अनुसार लिया गया हो, कानून के हिसाब से हो, इस फैसले में अधिक से अधिक लोगों की सहमति हो और जिनकी असहमति हो, उनकी संख्या बेहद कम हो, उसके साथ ही उनकी आपत्तियों का भी ध्यान रखा गया हो ताकि उस फैसले में आगे कुछ सुधार किया जा सके। ☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼☼ |
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