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माँज दो तलवार को लाओ न देरी,बाँध दो अब पीठ पर वह ढाल मेरी,भाल पर मल दो चरण की धूल थोड़ी,शीश पर आशीष की छाया घनेरी। |
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Answer» . ...jxjx |
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