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मार्ग में हिमालय के अड़ने, डरावनी लहरों के थपेड़े मारने, नाविकों के सो जाने से क्या अभिप्राय है? |
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Answer» इसका अभिप्राय यह है कि झाँसी लक्ष्मीबाई ने झाँसी, कलापी और ग्वालियर आदि राज्यों के स्वराज्य के लिए अंग्रेजों और रघुनाथराव से लड रही है। परंतु मंजिल हर बार पास आकर दूर चली जाती है। लक्ष्मीबाई स्वराज्य को पाते देखती है लेकिन मार्ग में हिमालय जैसी अंग्रेजी सेना अड जाती है वह सेना जो है वह महासागर की जैसे डरावनी लहरें थपेडे मारने लगती हैं। यदि लक्ष्मीबाई उन्हें जूझती तो नाविक रूपी सेना सो जाते हैं। इसका मतलब यह है कि नाविक रूपी सेना में हराने की शक्ति नहीं है। |
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