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मैदानी बहादुरी का तो अब न ज़माना रहा है न मौका। कानूनी बहादुरी की बातें हो रही हैं।’ -इसका मतलब है? |
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Answer» पहले शारीरिक शक्ति के बल पर समाज के ऊँचे लोग अपना कार्य किया करते थे। लेकिन अब वे सिफारिश के बल पर कानून को अपने अनुकूल बना लेते हैं। कानूनमुकदमे के ज़रिए गरीबों को परास्त करते हैं। यही इस कथन का मतलब है। |
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