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‘मैं सीख रहा हूँ सीखा ज्ञान भुलाना’-कवि ने क्या सीखा है? उसे वह भुलाना क्यों चाहता है? |
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Answer» कवि ने ज्ञान तो प्राप्त किया है परन्तु उसका ज्ञान भौतिक अनुभवों पर आधारित है। उसमें त्याग नहीं संग्रह की वृत्ति है; गुणों के कारण किसी का सम्मान करने की भावना नहीं, चापलूसों तथा ठकुरसुहाती करने वालों को महत्त्व देने का भाव है। अत: यह लक्ष्य (सत्य) प्राप्ति में बाधक है। कवि इस अपूर्ण ज्ञान को भुला देना चाहता है। |
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