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मध्यकालीन साहित्य की चर्चा कीजिए ।

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उत्तर भारत में मध्ययुग की शुरुआत संस्कृत साहित्य से हुई थी ।

  • इस युग में कश्मीर में दो महान ग्रंथ लिख्खे गये थे । जिसमें पहला सोमदेव का ‘कथा सरितसागर’ और दूसरा ‘कल्हण का राजतरंगिणी ।’
  • राजतरंगिणी कश्मीर के इतिहास को दर्शाता हुआ महत्त्वपूर्ण ग्रंथ है ।
  • इस समय कवि चंदबरदाई रचित ‘पृथ्वीराजरासो’ हिन्दी साहित्य का प्रथम ग्रन्थ है । पृथ्वीराज की वीरागाथा का वर्णन करनेवाले इस साहित्य से वीरगाथा का युग का आरंभ हुआ था ।
  • दक्षिण भारत में संस्कृत में शंकराचार्य के ‘भाष्य’ ग्रन्थ से द्रविड़ कुल की भाषाओं का विकास हुआ ।
  • कुछ समय तक कन्नड़ साहित्य पर जैन धर्म की गाढ़ असर से कवि पंपाने ने ‘आदिपुराण’ की रचना की थी, सौलवे जैन तीर्थंकर पर ‘शांतिपुराण’ कवि पौन्नाने तैयार किया, इसके उपरांत रन्ना ने ‘अजितनाथ पुराण’ लिखा ।
  • कवि कंबल ने तमिल भाषा में रामायण की रचना की थी ।
  • सल्तनत काल में हिन्दी भाषा के दो स्वरूपों ब्रज और खड़ी बोलियाँ में साहित्य सर्जन हुआ ।
  • हिन्दी और गुजराती भाषा के साथ मिलनेवाली राजस्थानी में वीर गाथा लिखी गयी । आल्हा, उदल, वीसलदेव और रासो इस समय की विख्यात वीर गाथाएँ थी ।
  • मुल्ला दाउद का ग्रंथ अवधी भाषा का सबसे प्राचीन ग्रन्थ है ।
  • फारसी भाषा दिल्ली सुल्तानों की राजभाषा थी ।
  • इस समय अनेक इतिहासकार हुए है । जिनमें जियाऊद्दीन बरनी ने ‘तारीखे-फिरोजशाही’ की रचना की थी । जिसमें तुगलक वंश के राज्य का विस्तृत वर्णन किया गया है ।
  • बरनी ने राजकीय सिद्धातों पर ‘फतवा-ए-जहांदरी’ नामक ग्रंथ लिखा ।
  • इस समय का सबसे महान साहित्यकार अमीर खुशरो था । वह एक कवि, इतिहासकार, रहस्यवादी संत और संगीतकार थे । अमीर खुशरो ने आसिका, नूर, सिपिहर और किराडल सदायन मुख्य ग्रन्थ लिख्खे । इस समय के उपरांत अनेक काव्य ग्रन्थ भी लिख्ने गये ।
  • अमीर खुशरो को स्वयं भारतीय होने पर गर्व है ।
  • उस समय दिल्ली के आस-पास बोली जानेवाली भाषा हिंदवी कहलाती थी । हिन्दी फारसी भाषा मिलकर द्विभाषी चौपाईयों और दोहे भी लिख्ने गये ।
  • अवधी भाषा में मलिक मुहम्मद जायसी ‘पद्मावत’ नामक महाकाव्य लिखा । इसके उपरांत तुलसीदास का प्रसिद्ध ग्रन्थ ‘रामचरित मानस’ इस समय का सबसे प्रसिद्ध ग्रन्थ बना ।
  • बंगाली सुल्तानों का आश्रय पाकर कृतिवास ने बंगाली भाषा में रामायण की रचना की थी । प्रसिद्ध कवि चंडीदास ने सेंकड़ों गीतों की रचना की थी । चैतन्य प्रभु ने बंगाली में भक्तिगीत लिख्खे थे ।
  • विजयनगर के महान सम्राट कृष्णदेव राय तेलुगु और संस्कृत के महान लेखक थे । उन्हें आमुक्तमाल्यदा ग्रन्थ की रचना की थी। मुगल शासन के दरम्यान अनेक शासक साहित्यकार थे । प्रथम मुगलशासक बाबर ने एक तुर्की भाषा में अपनी आत्मकथा तुजुके बाबरी लिखी थी । उसका फारसी में बाबरनामा नाम से भाषांतर किया गया ।
  • हुमायूँ की बहन गुलबदन बेगम ने हुमायुनामा, जहाँगीर ने तुजुके बाबरी ग्रन्थ लिख्खे ।
  • तुलसीदास और सूरदास इस युग के हिन्दी भाषा के महान साहित्यकार थे । रहीम के अनेक दोहे आज भी प्रसिद्ध है ।
  • फारसी भाषा में अबुल-फजल ने ‘आइने-अकबरी और अकबरनामा’ ग्रन्थ लिखे थे ।
  • अकबर ने महाभारत, रामायण, अथर्ववेद, भागवतगीता, पंचतंत्र आदि के अनुवाद के लिए अनेक विभाग बनवाए थे ।
  • इस युग की सबसे महत्त्वपूर्ण घटना उर्दू भाषा का जन्म है । भारत में प्रथम उपन्यास मुहमंद हुसेन आजाद ने उर्दु भाषा में ‘दरबारे अकबरी’ लिखा था ।


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