1.

महत्त्वत्ता का ख्याल उदाहरण सहित समझाइए ।

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महत्त्वता के ख्याल का उदाहरण निम्न है :

(i) अगर अन्य कोई प्रावधान न हो तब, कंपनी के लाभ-हानि खाते में कोई भी आय या खर्च जो आवक का 1% अथवा रु. 1,00,000 दोनों में से जो अधिक हो उसकी अपेक्षा कम हो तब उसे अलग बताने की आवश्यकता नहीं रहती ।

(ii) तारीख 2.3.2015 से तारीख 1.4.2015 के समयावधि का लाईट बिल प्राप्त हुआ है, तथा हिसाबी वर्ष 31.3.15 के दिन पूरा होता है । इस परिस्थिति में 1 दिन का खर्च वर्ष 2015-16 में लिखने के बजाय संपूर्ण लाइट बिल तारीख 31.3.2015 के दिन पूरा होते वर्ष के लाभ-हानि खाते उधार किया जायेगा ।

(iii) कितनी बार हमारे द्वारा उपयोग में ली जानेवाली नोटबुक में अमुक पन्नों का हमारे द्वारा उपयोग किया जाता हो और अमुक पन्ने खाली छोड़ दिये जाते हो तब नोटबुक यह सैद्धांतिक रूप से व्यवसाय की संपत्ति गिनी जाने से उपयोगी और बिनउपयोगी पन्नों की गणना की जा सकती है । परंतु सामान्य रूप से कोई लेखाकार यह नहीं करता । जब यह नोटबुक खरीदी जाती हो तब उसकी किंमत खर्च के रूप में अपलिखित की जाती है ।



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