Saved Bookmarks
| 1. |
मीरा के पदों के आधार पर सत्गुरु की महिमा का वर्णन कीजिए । |
|
Answer» कहावत है ‘बिनु गुरु ज्ञान न होइ’। गुरु का महत्व सभी ने माना है। मीराबाई ने सदगुरु को बहुत महत्त्व दिया है। मीरां सांसारिक जीवन को त्यागकर अपने आराध्य देव श्रीकृष्ण की भक्ति पाकर मगन हैं। वे इसे रत्न की उपमा देती हैं। वे इस अनमोल वस्तु को प्राप्त कराने का श्रेय अपने सदगुरु को ही देती हैं और कहती हैं कि ‘रामरतनरूपी धन’ उन्हें उनके सदगुरु की कृपा से प्राप्त हुआ है। सदगुरु की कृपा इस संसाररूपी सागर में नाव के समान है। इस नाव में बैठकर मीरा सुरक्षित रूप से इस भवसागर को पार करने के प्रति निश्चिंत हैं, क्योंकि इस नाव के खेवनहार उनके सदगुरु होंगे। इस प्रकार मीरा के पद में सदगुरु को बहुत महत्त्व दिया गया है। |
|