1.

“मुझसे जो उसने कहा था वह मैंने कर दिया।” किसने किससे क्या कहा था? लहनासिंह ने अपना कर्त्तव्य कैसे निभाया?

Answer»

सूबेदारनी ने लहनासिंह से सूबेदार के घर पर कहा था, मैंने तुझे आते ही पहचान लिया। मेरे भाग्य फूट गए। सरकार ने पति को बहादुरी का खिताब दिया, आज नमकहलाली का अवसर आया है। एक बेटा है, एक वर्ष पहले फौज में भर्ती हुआ था। आज पति और पुत्र दोनों लाम पर जाते हैं। अगर औरतों की पलटन होती तो मैं भी चली जाती। एक दिन ताँगे वाले के घोड़े के बीच में से मुझे बचाया था। आज इन दोनों की रक्षा करना। यह भीख माँगती हूँ। यह बात सूबेदरानी ने लहनासिंह से कही थी। लहनासिंह ने जान की बाजी लगाकर सूबेदारनी के पुत्र बोधासिंह की रक्षा की और वजीरासिंह से यह कहा कि मुझसे उसने जो कहा था वह मैंने कर दिया।



Discussion

No Comment Found