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“नारी सशक्तिकरण के लिए शिक्षा आवश्यक है।” इस कथन के सन्दर्भ में अपने विचार व्यक्त कीजिए। याभारत में नारी शिक्षा के विकास पर टिप्पणी कीजिए।

Answer»

पारस्परिक रूप से हमारा समाज पुरुष-प्रधान रहा है तथा समाज में पुरुषों की तुलना में स्त्रियों को कम अधिकार प्राप्त रहे। महिलाओं को कम स्वतन्त्रता प्राप्त थी तथा उन्हें समाज़ में अबला ही माना जाता था। परन्तु अब स्थिति एवं सोच परिवर्तित हो चुकी है। अब यह माना जाने लगा है कि समाज एवं देश की प्रगति के लिए समाज में महिलाओं को भी समान अधिकार, अवसर एवं सत्ता प्राप्त होनी चाहिए। इसीलिए हर ओर नारी सशक्तिकरण की बात कही जा रही है। नारी सशक्तिकरण की अवधारणा को स्वीकार कर लेने पर यह भी अनुभव किया गया कि “नारी सशक्तिकरण के लिए शिक्षा आवश्यक है।
वास्तव में जब समाज में स्त्रियाँ शिक्षित होंगी तो उनमें जागरूकता आएगी तथा वे अपने अधिकारों एवं कर्तव्यों को भी समझ सकेंगी। इसके अतिरिक्त शिक्षित नारी पारम्परिक रूढ़ियों एवं अन्धविश्वासों से भी मुक्त हो पाएँगी। शिक्षा प्राप्त नारियाँ विभिन्न व्यवसायों एवं नौकरियों में पदार्पण करके आर्थिक रूप से भी स्वतन्त्र होंगी। इससे जहाँ एक ओर वे पुरुषों की आर्थिक निर्भरता से मुक्त होंगी वहीं उनमें एक विशेष प्रकार का आत्म-विश्वास जाग्रत होगा। इस स्थिति में न तो उन्हें अबला माना जाएगा और न ही उनका शोषण ही हो पाएगा। इन समस्त तथ्यों को ध्यान में रखते हुए कहा जा सकता है। कि नारी सशक्तिकरण के लिए शिक्षा आवश्यक है।



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