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नैदानिक विधि अथवा नैदानिक निरीक्षण (Clincial Observation) का अर्थ स्पष्ट कीजिए। |
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Answer» हम जानते हैं कि मनोविज्ञान द्वारा सामान्य तथा असामान्य दोनों प्रकार के व्यवहार का अध्ययन किया जाता है। मनोविज्ञान के अन्तर्गत व्यक्ति के असामान्य व्यवहार के अध्ययन के लिए अपनायी जाने वाली एक मुख्य विधि को नैदानिक विधि अथवा नैदानिक निरीक्षण कहा जाता है। इस विधि को सामान्य रूप से सम्बन्धित व्यक्ति के असामान्य व्यवहार या मानसिक रोग के निदान के लिए अपनाया जाता है। इस विधि को मुख्य रूप से मनोविकारों की चिकित्सा के क्षेत्र में अपनाया जाता है। इस विधि को अपनाने का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति के मनोविकारों के निहित कारणों को ज्ञात करना होता है। नैदानिक निरीक्षण के अर्थ को जी० मर्फी ने इन शब्दों में स्पष्ट किया है, “नैदानिक विधि व्यक्ति के उस मनोवैज्ञानिक पक्ष का अध्ययन करती है जिसमें उसके जीवन की प्रसन्नता एवं उसके प्रभावपूर्ण सामंजस्य का कार्य निर्भर करता है; यह विधि उसकी क्षमताओं तथा परिसीमाओं, सफलता और असफलता के कारण तथा जीवन की समस्याओं का अध्ययन करती है। इस विधि में उन कारणों का अध्ययन सम्मिलित है जो व्यक्ति के जीवन का निर्माण करते हैं या उसे बिगाड़ देते हैं।” |
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