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Answer» प्रस्तावना : मानव को मनोरंजन की भी ज़रूरत होती है। मानव शारीरिक काम या मानसिक काम करके थक जाने के बाद कुछ आराम पाना चाहता है। आराम पाने वाले साधनों में खेलना, गाना, कहानी सुनना, सिनेमा या नाटक देखना, मित्रों से मिलकर खुशी मनाना कुछ प्रमुख साधन हैं। आजकल मानव को मनोरंजन देनेवाले साधनों में दूरदर्शन का प्रमुख स्थान है। विषय विश्लेषण : दूरदर्शन ग्रीक भाषा का शब्द है। दूरदर्शन को टी.वी. भी कहते हैं। टी.वी. यानी टेलीविज़न है। टेली का अर्थ है दूर तथा विज़न का अर्थ होता है प्रतिबिंब। दूरदर्शन का अर्थ होता है कि दूर के दृश्यों को हम जहाँ चाहे वहाँ एक वैज्ञानिक साधन के द्वारा देख सकना। दूरदर्शन की भी अपनी कहानी है। पहले-पहले इसको बनाने के लिये जॉन एल. बेयर्ड ने सोचा है। उसके बाद जर्मन के वैज्ञानिक पाल निपकौ ने बेयर्ड के प्रयोगों को आगे बढाया। क्यांबेल, स्विंटन आदि कई वैज्ञानिकों के लगातार परिश्रम से दूरदर्शन को 1927 में एक अच्छा रूप मिला। लाभ : इस दूरदर्शन से कई लाभ हैं। मानसिक उत्साह बढानेवाले साधनों में आजकल इसका प्रमुख स्थान है। आजकल हमारे देश में सौ प्रतिशत जनता दूरदर्शन की प्रसारण सीमा में है। आजकल इसके द्वारा हर एक विषय का प्रसार हो रहा है। विद्यार्थियों के लिए उपयोगी शिक्षा कार्यक्रम भी प्रसारित किये जा रहे हैं। इसके द्वारा हम समाचार, सिनेमा, नाटक आदि मनोरंजन कार्यक्रम भी सुन और देख सकते हैं। नष्ट : इसे लगातार देखने से आँखों की ज्योति भी मंद पडती है। दैनिक कामकाज छोडके इसमें लीन न होना चाहिए। छात्रों को पढाई छोडकर ज्यादा समय इसके सामने बिताना नहीं चाहिये। दूरदर्शन के प्रसारणों का सदुपयोग करके नियमित रूप से देखने से मानव-जीवन सुखमय होता है।
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