1.

निबंध लेखन :हरियाली और सफ़ाई

Answer»

प्रस्तावना :
मानव को जीने के लिये हरियाली और सफ़ाई की अत्यंत आवश्यकता है। हरियाली और सफ़ाई की उपेक्षा करने से मानव का जीवन दुःखमय तथा अस्वस्थ बन सकता है। मानव को स्वस्थ तथा आनंदमय जीवन बिताने के लिए इन दोनों की ओर ध्यान देना चहिए।

विषय विश्लेषण – हरियाली :
हरियाली मन को तथा आँखों को सुख पहुँचाती है। हरे-भरे खेत देखने से या हरेभरे पेड देखने से हम अपने आपको भूल जाते हैं। यह हरियाली देखने के लिए हमको कहीं भी जाना पडता है। मगर कुछ मेहनत करके हम यह हरियाली अपने आसपास भी पा सकते हैं। हम अपने चारों ओर कुछ पेड-पौधे लगाकर हरियाली बढा सकते हैं। पहले ही जो पेड-पौधे लग चुके हैं, उनको न काटना चाहिये। धरती को हमेशा हरा-भरा रखना है। यह हरियाली बढाने से हमको आक्सिजन मिलता है। हरियाली बढ़ाने का अर्थ होता है कि पेड-पौधों को बढाना। इससे इतने लाभ हैं कि हम बता नहीं सकते।

सफाई :
सफ़ाई का अर्थ होता है कि स्वच्छता।

सफ़ाई के बारे में सोचते वक्त हमको तन की सफ़ाई के बारे में, घर की सफ़ाई के बारे में तथा आसपास की सफ़ाई के बारे में भी सोचना चाहिए।

तन की सफ़ाई तो हमारे हाथों में है। घर की तथा आसपास की सफ़ाई का प्रभाव हमारे ऊपर पड़ता है। इसलिये हमें हमेशा घर की तथा आसपास के प्रदेशों को साफ़ रखना है। सफ़ाई का पालन करने के उपाय ये हैं

  • सबसे पहले गन्दगी न फैलाएँ।
  • फैली हुई गन्दगी को साफ़ करें।
  • कूडा-कचरा जहाँ-तहाँ न फेंकें।

हमारे बुजुर्ग यह बताते हैं कि जहाँ सफ़ाई रहती है वहाँ लक्ष्मी का आगमन होता है।

उपसंहार :
इस प्रकार हम इन नियमों का पालन करने से अपनी आयु को बढ़ा सकते हैं।
एक नारा हमको मालूम ही है –
“वृक्षो रक्षति रक्षितः”
“घर की सफ़ाई, सबकी भलाई”।



Discussion

No Comment Found

Related InterviewSolutions