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निबंध लेखन :मोबाइल फ़ोन

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आजकल के यान्त्रिक युग में मानव को सुख – सुविधा प्रदान करनेवाले अनेक साधनों में ‘मोबाइल फ़ोन’ प्रमुख है। इसे सेलफ़ोन और हाथ फ़ोन भी बुलाया जाता है। यह बिना तारों के लंबी दूरी का इलेक्ट्रानिक उपकरण है। इसके ज़रिये विश्व के जिस देश में या प्रांत में स्थित लोगों से जब चाहे तब बोलने की सुविधा है। इसे विशेष स्टेशनों के नेटवर्क के आधार पर मोबाइलविशेष आवाज़ या डेटा संचार के लिए उपयोग करते हैं। वर्तमान मोबाइल फ़ोन में एस.एम.एस. इंटरनेट, रोमिंग, ब्लूटूथ, कैमरा, तस्वीरें, वीडियो भेजने और प्राप्त करने की अनेक सुविधाएँ हैं। हमारे भारत देश में सन् 1985 में दिल्ली में मोबाइल सेवाएँ आरंभ हुई हैं। मोबाइल फ़ोन के आविष्कार से देश और विदेशों की दूरी कम हुयी। यह सभी वर्गों के लिए बहुत उपयोगी सिद्ध हुआ है। इससे हमें समय, धन, तथा श्रम की बचत होती है। आपात् स्थिति में यह बहुत काम आनेवाला होता है।

इससे मिलनेवाली सुविधाएँ:

  • हम इसे अपने साथ जहाँ चाहे वहाँ ले जा सकते हैं। सब आवश्यक खबरें प्राप्त कर सकते हैं।
  • दुर्घटनाओं के होने पर पुलिस व आंबुलेन्स को तुरंत बुला सकते हैं।
  • इसके ज़रिए मनोविनोद के लिए संगीत, गीत सुन सकते हैं और अनेक खेल खेल सकते हैं।
  • इसमें संगणक और फ़ोन बुक भी होते हैं।
  • सारे विश्व के लोगों से इंटरनेट द्वारा संबन्ध रख सकते हैं और बातचीत कर सकते हैं।
  • वीडियो कान्फरेन्स कर सकते हैं।
  • दोस्त और परिवारवालों से संपर्क कर सकते हैं।
  • बहुत काम कर सकते हैं। आये ई मेइल्स देख सकते हैं।
  • अपने पॉकेट में रखकर कहीं भी जा सकते हैं।
  • फ़ोन में स्थित कैमरा से चित्र निकाल सकते हैं। और उन्हें तुरंत भेज सकते हैं।

असुविधाएँ :
अनेक सुविधाओं के होने के बावजूद मोबाइल फ़ोन संबंधी अनेक असुविधाएँ भी हैं, वे हैं

  • मोबाइल फ़ोन कीमती होते हैं। अधिक समय सुनते रहने से सुनने की शक्ति घटती जाती है।
  • गाडी या मोटर कार आदि चलाते समय इसके उपयोग करने से अनेक दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
  • बूढे और बड़े लोगों के लिए इस्तेमाल करने में धिक्कत हो सकती है।
  • मित्रों व परिवार के सदस्यों के साथ बातें करते ही रहने से अनेक आवश्यक काम बिगड सकते हैं।
  • कुर्ते और पतलून के पॉकेटों में रखने से रोगों के शिकार बनने की संभावना है।

इस तरह हम देखते हैं कि मोबाइल फ़ोन से अनेक सुविधाओं के मिलने पर भी कुछ असुविधाएँ भी हैं। अतः उसका इस्तेमाल सही रूप से करके अपने आवश्यक मुख्य कार्यों को संपन्न करना हमारा मुख्य कर्तव्य है।



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