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Answer» प्रस्तावना : भगवान की सृष्टि में पशुओं का विशेष महत्व है। पशु – पक्षी ही प्रकृति की शोभा बढानेवाले हैं। समृद्धिदायक होते हैं। पशु के द्वारा ही मानव जीवन सुखी होता है। इस कारण पशु – सुरक्षा के महत्व पर अधिक ध्यान देना चाहिए। प्राचीन काल में गोधन या गायों का अत्यंत महत्व है। जिसके पास अधिक गायें होती हैं, वही अधिक धनवान या महान कहलाता है। तब घोडे, बैल, हाथी आदि जानवर सवारी का काम आते थे। अब ये काम यंत्रों की सहायता से संपन्न हो रहे हैं। विषय विश्लेषण : गाय, बकरी आदि कई पशु दूध देते हैं। दूध से मानव जीवन का पोषण होता है। दूध का मानव जीवन में सर्वश्रेष्ठ स्थान है। इससे कई प्रकार के पदार्थ बनाते हैं। खासकर बचपन में सभी शिशुओं के लिए दूध की अत्यंत आवश्यकता है। दूसरा इनके गोबर से खाद बनती है। पैदावर अधिक होती है। अब भी बैल खेत जोतते हैं। मज़बूत बैलों से अच्छी खेती होती है। बैल गाडी खींचते हैं। किसानों का अनाज घर और बाज़ार पहुँचाते हैं। घोडे भी खेती के काम में आते हैं। घोडा गाडी खींचता है। उस पर सवारी करते हैं। बहुत से लोग कई पशुओं का मांस खाते हैं। चमडे से चप्पल और जूते बनाते हैं। कुछ जानवरों से ऊन मिलता है। उपसंहार : हमारे देश में गाय, बैल, बकरी, भेड, भैंस, घोडा, सुअर आदि पशुओं को पालते हैं। लेकिन उनके पालन – पोषण में अधिक श्रद्धा नहीं दिखाते हैं। उनको चाहिए कि पशु सुरक्षा के महत्व पर अधिक ध्यान दें। उनको पौष्टिक आहार दें। उनके रोगों की चिकित्सा करवाएँ। रहने, खाने – पीने आदि विषय में सफ़ाई का ध्यान दें। पहले से ही पशुओं की संतान पर अधिक ध्यान देने से मानव को बहुत लाभ होता है। इनसे खूब व्यापार होता है। सभी पशु मानव जीवन में अत्यंत उपयोगी हैं। वे मानव के मित्र कहलाते हैं।
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