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निबंध लेखन :सत्तर वर्षों के भारत स्वातंत्र्य स्वर्णोत्सव

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भूमिका :
हमारा भारत सैकडों वर्ष अंग्रेज़ों के अधीन में रहने के बाद गाँधी, नेहरू, नेताजी, पटेल आदि नेताओं के त्याग फल से 15 – 8-1947 को आज़ाद हुआ।

विषय विश्लेषण :
अंक 15-08-1947 को आजादी प्राप्त होकर सत्तर वर्ष पूरा हो गया। इसके उपलक्ष्य में सारा भारत पुलकित होकर प्रजातंत्र पालन में सत्तरवाँ स्वातंत्र्य स्वर्ण महोत्सव मना रहा है। अगस्त 2019 को तिरहत्तर वर्ष बीत जायेंगे। इस कारण अगस्त 2018 से अगस्त 2019 तक ये उत्सव मनाये गये।

सारे भारत में ये स्वर्णोत्सव बड़े धूमधाम से मनाये गये। सभी तरह के लोगों ने, जातियों ने आपस में मिल – जुलकर मनाये हैं, सरकारी और सभी प्रकार के संस्थाओं ने, विद्यालय और सभी कार्यालयों ने उत्सव खूब मनाये हैं। अनेक कार्यक्रम का निर्वाह किया गया है। तिरहत्तर वर्षों में भारत ने जो प्रगति पायी है, सबका विवरण बताया गया है। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ सभी विद्यालयों और महाविद्यालयों में विद्यार्थियों के बीच निबंध रचना और भाषण संबंधी सभाओं (होड) का निर्वाह करके प्रचार किया गया है। इस विषय में सभी जिलाओं ने और मंडलों ने प्रत्येक रूप से व्यवहार करके कार्यक्रमों को सफल बनाया है।

उपसंहार :
देश की अखंडता और स्वतंत्रता बनाये रखने की प्रतिज्ञा और कर्तव्य पालन यह उत्सव याद दिलाता है।



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