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निबन्ध-लिखिए : पुस्तकों का महत्व |
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Answer» विचार-बिंदुः लाभ – प्रभाव – पुस्तकें किसी देश की अमर निधि होती हैं – पुस्तकें अस्त्र हैं – मनुष्य का मित्र। प्रभावः संसार के इतिहास पर दृष्टिपात करने पर देखते हैं कि जितनी भी महान विभूतियाँ हुई हैं, उन पर किसी-न-किसी अंश में अच्छी पुस्तकों का प्रभाव था। महात्मा गाँधी भगवद्गीता, टालस्टाय तथा अमेरिका के संत थोरो के साहित्य से अत्यधिक प्रभावित थे। लेनिन में क्रांति की भावना मार्क्स के साहित्य को पढ़कर जगी थी। पुस्तकें किसी देश की अमर निधि होती हैं: किसी जाति के उत्कर्ष अथवा अपकर्ष का पता उसके साहित्य से चलता है। प्राचीन ग्रीक संस्कृति कितनी उच्च और महान थी, इसका पता हमें उसके साहित्य से चलता है। गुप्तकाल भारत का स्वर्णिम युग कहा जाता है क्योंकि उस काल में सर्वोत्कृष्ट पुस्तकों की रचना हुई। कालिदास इस युग के महान साहित्यकार थे। पुस्तकें अस्त्र हैं: विचारों के युद्ध में पुस्तकें ही अस्त्र हैं। पुस्तकों में लिखे विचार संपूर्ण समाज की काया पलट देते हैं। समाज में जब भी कोई परिवर्तन आता है अथवा क्रांति उपस्थित होती है, उसके मूल में कोई विचारधारा ही होती है। मनुष्य का मित्रः एक विद्वान की उक्ति है – “सच्चे मित्रों के चुनाव के पश्चात् सर्वप्रथम एवं प्रधान आवश्यकता है – उत्कृष्ट पुस्तकों का चुनाव।’ जो पुस्तकें हमें अधिक विचारने को बाध्य करती हैं, वे ही हमारी सबसे बड़ी सहायक हैं। वे मनुष्य को सच्चा सुख और शांति प्रदान करती हैं। थामस ए. केपिस ने एक बार कहा था – “मैंने प्रत्येक स्थान पर विश्राम खोजा, किंतु वह एकांत कोने में बैठकर पुस्तकें पढ़ने के अतिरिक्त कहीं प्राप्त न हो सका।” पुस्तक-प्रेमी सबसे अधिक सुखी होता है। |
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