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Answer» निबन्धात्मक परीक्षा के दोषों को दूर करने के लिए निम्नलिखित सुझावों को अपनाया जा सकता है ⦁ प्रश्नों का निर्माण सम्पूर्ण पाठ्यक्रम को ध्यान में रखकर किया जाए। ⦁ परीक्षा प्रश्न-पत्र में पहले सरल और बाद में कठिन प्रश्न रखे जाएँ। ⦁ समस्त प्रश्न अनिवार्य हों। ⦁ परीक्षण को शिक्षण प्रक्रिया का साधन माना जाए, साध्य नहीं। ⦁ निबन्धात्मक प्रश्नों के साथ वस्तुनिष्ठ प्रश्नों को भी रखा जाए। ⦁ मौखिक परीक्षा को भी स्थान दिया जाए। ⦁ परीक्षाओं द्वारा यह जानने का प्रयास न किया जाए कि छात्र कितना नहीं जानता, वरन् यह जानने का प्रयास किया जाए कि छात्र कितना जानता है। ⦁ परीक्षकों का यह स्पष्ट उद्देश्य होना चाहिए कि वे किस बात की परीक्षा लेना चाहते हैं। ⦁ अंक प्रदान करने के स्थान पर श्रेणियों का प्रयोग किया जाए।
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