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नीचे दी गयी कविता पढकर भाव बनाइए।मन करता है सूरज बनकरआसमान में दौड लगाऊँ।मन करता है चंदा बनकरसब तारों पर अकड दिखाऊँ।मन करता है तितली बनकरदूर-दूर तक उडता जाऊँ।

Answer»

भावार्थ :

बालक कह रहा है – सूरज बनकर आकाश में दौड लगाने को मेरा मन. करता है। चाँद बनकर सब तारों पर अपना घमंड दिखाने को मन करता है। वैसे ही सुन्दर तितली बनकर बहुत दूर तक उड जाने को भी मेरा मन करता है।



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