1.

नीचे‌ ‌दिये‌ ‌गये‌ ‌गद्यांश‌ ‌को‌ ‌पढ़कर‌ ‌प्रश्नों‌ ‌के‌ ‌उत्तर‌ ‌एक‌ ‌वाक्य‌ ‌में‌ ‌लिखिए।‌‌फिर‌ ‌एक‌ ‌दिन‌ ‌न‌ ‌राजा‌ ‌रहा,‌ ‌न‌ ‌वृद्ध‌ ‌दरबारी‌ ‌।‌ ‌धीरे‌ ‌-‌ ‌धीरे‌ ‌समय‌ ‌बीतता‌ ‌गया।‌ ‌आखिर‌ ‌वह‌ ‌दिन‌ ‌आ‌ ‌ही‌ ‌गया‌ ‌जब‌ ‌राजा‌ ‌का‌ ‌सपना‌ ‌सचमुच‌ ‌सच‌ ‌हो‌ ‌गया।‌ ‌आज‌ ‌सैकड़ों‌ ‌कृत्रिम‌ ‌उपग्रह‌ ‌पृथ्वी‌ ‌की‌ ‌परिक्रमा‌ ‌कर‌ ‌रहे‌ ‌हैं।‌ ‌आज‌ ‌अकेला‌ ‌चाँद‌ ‌ही‌ ‌हमारी‌ ‌धरती‌ ‌की‌ ‌आँख‌ ‌नहीं‌ ‌है।‌ ‌अंतरिक्ष‌ ‌में‌ ‌सैकड़ों‌ ‌कृत्रिम‌ ‌उपग्रह‌ ‌चक्कर‌ ‌काट‌ ‌रहे‌ ‌हैं,‌ ‌जो‌ ‌कई‌ ‌नयी‌ ‌बातों‌ ‌की‌ ‌जानकारी‌ ‌हमें‌ ‌देते‌ ‌हैं।‌1.‌ ‌अंतरिक्ष‌ ‌में‌ ‌कौन‌ ‌चक्कर‌ ‌काट‌ ‌रहे‌ ‌हैं?‌2.‌ ‌धीरे-धीरे‌ ‌क्या‌ ‌बीतता‌ ‌गया?‌ ‌3.‌ ‌पृथ्वी‌ ‌की‌ ‌परिक्रमा‌ ‌करनेवाले‌ ‌क्या‌ ‌है?‌4.‌ ‌”धरती”‌ ‌शब्द‌ ‌का‌ ‌पर्याय‌ ‌क्या‌ ‌है?‌5.‌ ‌उपर्युक्त‌ ‌गद्यांश‌ ‌किस‌ ‌पाठ‌ ‌ से‌ ‌लिया‌ ‌गया‌ ‌है?

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  1. ‌अंतरिक्ष‌ ‌में‌ ‌सैकडों‌ ‌कृत्रिम‌ ‌उपग्रह‌ ‌चक्कर‌ ‌काट‌ ‌रहे‌ ‌हैं।
  2. ‌‌धीरे‌ ‌-‌ ‌धीरे‌ ‌समय‌ ‌बीतता‌ ‌गया।‌
  3. ‌पृथ्वी‌ ‌की‌ ‌परिक्रमा‌ ‌करनेवाले‌ ‌कृत्रिम‌ ‌उपग्रह‌ हैं।
  4. ‌धरती‌ ‌शब्द‌ ‌का‌ ‌पर्याय‌ ‌-‌ ‌”पृथ्वी’‌ ‌है।
  5. उपर्युक्त‌ ‌गद्यांश‌ ‌”धरती‌ ‌की‌ ‌आँखें’‌ ‌पाठ‌ ‌से‌ ‌लिया‌ ‌गया‌ ‌है।‌‌


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