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निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए - वाद्ययंत्रों पर किए जा रहे शोधकार्यों के दौरान उनके अध्यन के दायरे में जहाँ वायलिन, चैलो या पियानो जैसे विदेशी वाद्य आए, वहीँ वीना, तानपुरा और मृदंगम पर भी उन्होंने काम किया। उन्होंने वैज्ञानिक सिद्धांतों के आधार पर पश्चिमी देशों की इस भ्रान्ति को तोड़ने की कोशिश की कि भारतीय वाद्ययंत्र विदेशी वाद्ययंत्रों की तुलना में घटिया हैं। वाद्ययंत्रों के कंपन के पीछे छिपे गणित पर उन्होंने अच्छा-खासा काम किया और अनेक शोधपत्र भी प्रकाशित किए।(क) रामन् ने किन भारतीय वाद्ययंत्रों पर काम किया? (ख) रामन् ने पश्चिमी देशों की किस भ्रान्ति को तोड़ा? (ग) उन्होंने वाद्ययंत्रों के किस विषय पर काम किया? |
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Answer» (क) रामन् ने वीना, तानपुरा, मृदंगम् जैसे वाद्ययंत्रों पर काम किया। (ख) रामन् ने पश्चिमी देशों की इस भ्रान्ति को तोड़ने की कोशिश की कि भारतीय वाद्ययंत्र विदेशी वाद्ययंत्रों की तुलना में घटिया हैं। (ग) उन्होंने वाद्ययंत्रों के कंपन के पीछे छिपे गणित पर अच्छा-खासा काम किया और अनेक शोधपत्र भी प्रकाशित किए। |
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