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निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर दिए गए प्रश्नों के उत्तर लिखिए -रामन् का मस्तिष्क विज्ञान के रहस्यों को सुलझाने के लिए बचपन से ही बैचैन रहता था। अपने कॉलेज के ज़माने से ही उन्होने शोधकार्यों में दिलचस्पी लेना शुरू कर दिया था। उनका पहला शोधपत्र फिलॉसॉफिकल मैगज़ीन में प्रकाशित हुआ था। उनकी दिली इच्छा तो यही थी कि वे अपना सारा जीवन शोधकार्यों को समर्पित कर दें, मगर उन दिनों शोधकार्यों को पूरे समय के कैरियर के रूप में अपनाने की कोई ख़ास व्यवस्था नहीं थी। प्रतिभावान छात्र सरकारी नौकरी की ओर आकर्षित होते थे। रामन् भी अपने समय के सुयोग्य छात्रों की भाँति भारत सरकार के वित्त विभाग में अफसर बन गए। उनकी तैनाती कलकत्ता में हुई।(क) किन रहस्यों को सुलझाने में रामन् का मस्तिष्क बैचैन रहता था?                (ख) रामन् की दिली इच्छा क्या था?                                                                   (ग) वे सरकारी नौकरी की ओर क्यों आकर्षित हुए और उनकी तैनाती कहाँ हुई?   

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(क) विज्ञान के रहस्यों को सुलझाने में रामन् का मस्तिष्क बैचैन रहता था। 

(ख) रामन् की दिली इच्छा अपना सारा जीवन शोधकार्य को समर्पित कर देने की थी। 

(ग) वे सरकारी नौकरी की ओर इसलिए आकर्षित हुए क्योंकि उन दिनों शोधकार्य को पूरे समय के कैरियर के रूप में अपनाने की कोई ख़ास व्यवस्था नहीं थी। अन्य प्रतिभावान छात्र सरकारी नौकरी की ओर आकर्षित होते थे। उनकी तैनाती कलकत्ता में हुई।  



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