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निम्नलिखित पंक्तियों का भाव स्पष्ट कीजिए-कुछ भी करो कर्तव्य पथ से किन्तु भागूंगा नहीं। |
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Answer» कर्तव्यपथ के विषय में कवि का दृढ़ संकल्प यह है कि चाहे उनके हृदय को कितनी भी पीड़ा क्यों न पहुँचाई जाए, चाहे उन्हें कितने ही अभिशापों को क्यों न झेलना पड़े लेकिन वे अपने कर्तव्य पथ से पीछे नहीं हटेंगे। अर्थात उन्हें रोकने के लिए चाहे उनके साथ जो कुछ भी किया जाए वे अपने कर्तव्य को हर हाल में निभाएँगे। |
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