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निम्नलिखित प्रश्न का उत्तर (50-60 शब्दों में) लिखिए − ग्रामीण परिवेश में प्रकृति धूल के कौन-कौन से सुंदर चित्र प्रस्तुत करती है? nimnalikhit prashn kaa uttar (50-60 shabdon men) likhie − graameeṇa parivesh men prakriti dhool ke kaun-kaun se sundar chitr prastut karatee hai? रामविलास शर्मा |
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Answer» ग्रामीण परिवेश में प्रकृति धूल के निम्नलिखित सुंदर चित्र प्रस्तुत करती है जो इस प्रकार से है : संध्या के समय जब गोपालक गायें चराकर गांव में लौटते हैं, तो उनके और उनकी गायों के चलने से पैदा हुई धूल वातावरण में ऐसे भर जाती है कि शाम के समय को गोधूलि का नाम दिया गया है। गांव की अमराइयों के पीछे डूबते होते हुए सूर्य की किरणें धूलि पर पड़ती है तो धूल भी सोने के रंग जैसी हो जाती है। सूर्य के छिपने के बाद जब गांव की कच्ची सड़क से कोई बैलगाड़ी निकल जाती है तो उसके पीछे उड़ने वाली धूल रूई के बादल के समान दिखाई देती है और चांदनी रात में मेले जाने वाली बैलगाड़ियों के पीछे उड़ने वाली धूल चांदनी जैसी लगती है। |
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