|
Answer» उत्तर: सत्कार की उष्मा समाप्त होने पर लेखक ने अतिथि के लिए पत्नी को खिचड़ी बनाने के लिए कह दिया। लेखक ने यह भी कहा कि यदि वह अब भी न गया तो उसे उपवास करना होगा।
सत्कार की उष्मा का अर्थ है कि किसी का गर्मजोशी से स्वागत सत्कार करना उसकी खूब मेहमाननवाजी करना। लेखक के घर में अतिथि 4 दिन से रह रहा था। लेकर उसके सत्कार पर बहुत पैसा खर्च कर चुका था। अब वह उस पर और अधिक खर्च नहीं कर सकता था। इसलिए अतिथि के प्रति उसके सत्कार की उष्मा समाप्त हो रही थी।
आशा है कि यह उत्तर आपकी मदद करेगा।।।।
|