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निम्नलिखित प्रश्नो के उत्तर दीजिए : रैदास जी ने प्रभु के प्रति अपना भक्तिभाव किन दृस्टांतो द्वारा स्पष्ट किया है ?

Answer» कवि रैदास जी भगवान श्रीराम के परम भक्त है । वे निरंतर राम नाम की माला जपते रहते है । वे हमेशा राम से जुड़े रहना चाहते है । इसलिए वे कहते है कि यदि राम चन्दन है तो वे पानी जिसका उपयोग चन्दन घिसते समय किया जाता है यदि प्रभु श्रीराम चन्द्रमा है तो रैदास चातक पक्षी है जिसे प्रकार चन्द्रमा को देखते हुए चातक का मन नहीं भरता उसी प्रकार ध्यान में राम के दर्शन करते हुए रैदास के मन को तृप्ति नहीं मिलती । यदि श्रीराम दीपक है तो रैदास जी खुद को बाटी मानते है जो दीपक में जलकर धन्य होती है यदि श्रीराम सोना है तो कवि रैदास जी अपने को सुहागा समझते है । यदि श्रीराम स्वामी है तो कवि रैदास जी उनके दास बनने में धन्यता अनुभव करते है । इस प्रकार विभिन्न दृष्टांतो द्वारा कवि रैदास जी ने प्रभु श्रीराम के प्रति अपनी भक्ति भाव व्यक्त किया है ।


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