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निरंतर अभ्यास से व्यक्ति कैसे योग्य बन जाता है? वृन्द जी ने इस के लिए क्या उदाहरण दिया है? |
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Answer» जैसे बार-बार रस्सी घिसने से पत्थर पर भी निशान पड़ जाते हैं, वैसे ही निरंतर अभ्यास से अयोग्य व्यक्ति भी योग्य बन जाता है। |
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