1.

‘नर समाज का भाग्य एक है, वह श्रम, वह भुजबल है।’ जीवन की सफलता का मार्ग श्रम है। अपने विचार व्यक्त कीजिए।(या)श्रामिक कण – कण का अधिकारी है। अपने विचार व्यक्त कीजिए।

Answer»
  • नर समाज का भाग्य एक है। वह श्रम है। वह भुजबल है।
  • हमारे जीवन की सफलता का मार्ग भी श्रम ही है।
  • श्रम के बल पर हम अपने जीवन को सुंदर बना सकते हैं।
  • श्रम के बल पर ही हम खूब कमा कर अपनी इच्छाओं को पूरा कर सकते हैं।
  • श्रम करके हम दूसरों का भी पथ प्रदर्शन कर सकते हैं।
  • श्रमिक जीवन ही सच्चा जीवन है।
  • श्रम करनेवाले व्यक्तियों का सभी आदर करते हैं।
  • श्रम करनेवाले के लिए कुछ भी असंभव नहीं है।
  • श्रम के बल पर ही हम अपने भाग्य को और विजयों को भी हासिल कर सकते हैं। इसलिए हम कह सकते हैं कि जीवन की सफलता का मार्ग श्रम है।


Discussion

No Comment Found