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‘नर समाज का भाग्य एक है, वह श्रम, वह भुजबल है।’ जीवन की सफलता का मार्ग श्रम है। अपने विचार व्यक्त कीजिए।(या)श्रामिक कण – कण का अधिकारी है। अपने विचार व्यक्त कीजिए। |
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